उम्मीद जिन्दा रखिए साहब , आज हंसने वाले कल तालियां भी बजयेगे ।
कुएं मैं उतरने वाली बाल्टी यदि झुकती है तो वह भरकर बाहर निकलती है। जिंदगी कभी यही गणित है जो झुकता है वो प्राप्त करता है
कुएं मैं उतरने वाली बाल्टी यदि झुकती है तो वह भरकर बाहर निकलती है। जिंदगी कभी यही गणित है जो झुकता है वो प्राप्त करता है
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